गीता-माधुर्य:– श्रीमद्भगवद्रीता मनुष्य-मात्रको कर्तव्य और मुक्तिकी शिक्षा प्रदान करनेवाला एक सार्वभौमिक ग्रन्थ है। इस पुस्तकमें ब्रहालीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजद्वारा प्रश्ननोतर शैलीमें गीताके गूढ़ भावोंको बड़े ही सरल तथा रोचक ढंगसे प्रस्तुत किया गया है।