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Book Code – 1562
Total Pages – 442
Total Chapters – 18
Total Shalok – 700
Source – Mahabharat
गीता-प्रबोधनी विशिाष्ट संस्करण ( बुक कोड – 1562 ) :- ब्रहालीन श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसखदासजी महाराजके द्वारा प्रणीत गीताकी इस टीकामें श्लोक, श्लोकार्थ और कुछ श्लोकोकी संक्षपमें व्याख्या दी गयी है। यह टीका नित्यपाठ तथा यात्रादि में साथ रखनेकी दृष्टिसे विशेष सुंविधाजनक है।