जीवच्छाद्धपद्धति ( बुक कोड – 1895 ) :- भारतीय सोलह संस्कारों में अंतिम संस्कार मरने के बाद श्राद्ध संस्कार को माना गया है। इसके बिना करे जीव को मुक्ति प्राप्त नहीं होती। यह संस्कार पुत्र के द्वारा कराया जाता है लेकिन आजकल की पीढ़ी आस्थाहीन होने के कारण इन विधि को उपचारीक रूप से सम्पादित करती है जो महत्वहीन है। इस पुस्तक में जीवित रहते हुए व्यक्ति अपना शास्त्रीय श्राद्ध विधि पूर्वक करवा सकता है। जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवित रहते हुए मरने के बाद की सारी श्राद्ध प्रक्रिया करवा सकता है।