उत्तरकाण्ड:– गोस्वामी श्रीतुलसीदासजी महाराजके द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्यकी सव्रोत्कृष्ट रचना हैं। इस दिव्य ग्रन्थ में श्रीरामचरितमानस के उत्तरकाण्ड अध्याय का वर्णन हैं। यह ग्रन्थ (अवधि एवं हिन्दी) भाषा में सर्वाधिक शुद्ध तथा क्षेपकरहित है। गीताप्रेस से प्रकाशित श्रीरामचरितमानसके विभिन्न संस्करणोंकी प्रत्येक घरमें उपस्थिति ही इसकी लोकप्रियता तथा प्रामाणिकताका सुन्दर परिचय है।