चैतन्य-चरित्रावली ( Book Code – 123 ) :- संत श्रीप्रभुदत्त जी ब्रह्मचारी द्वारा प्रणीत यह ग्रंथ श्रीचैतन्यदेव के संपूर्ण जीवन-चरित्र की सुंदर वाड्मयी परिक्रमा है। इसमें कीर्तन के रंग में रंगे महाप्रभु की लीलाएं, अधमों के उद्धार की घटनाएं, श्री चैतन्य में विभिन्न भगवद्भावों का आवेश, यवनों को पावन करनेकी कथा, श्रीवास, पुण्डरीक, हरिदास आदि भक्तों के चरित्र, श्री रघुनाथ का गृह-त्याग आदि अलौकिक प्रेम पूर्ण घटनाओं को पढ़कर हृदय प्रेम-समुद्र में डूबकी लगाने लगता है। वास्तव में महाप्रभु का संपूर्ण जीवन-चरित्र से भगवद्भक्ति का महामंत्र है।